जालिम और जुलम सहने वाले ।
इस दुनिया में मनुष्यता की दो ही श्रेणियां हैं,एक हैं जुलम करने वाले जालिम और दुसरे हैं जुलम सहने वाले । सभ से बड़े जालिम हैं यह यहूदी भारत के ब्राह्मण जिन्हों ने भारत में,हज़ारों साल पहले,अपने जुलम करने के लिए मनुवादी कंस्टीटूशन बनाया और अपने नीचे वाले लोगों को मूरख बनाने के लिए और उन पर जुलम करने के लिए एक अंध विश्वाशी,मूर्ती पूजा वाले, अवैज्ञानिक और षड आंतरकारी हिन्दू धरम को चलाया,जिन का सभ से बड़ा जालिम और षड आंतरकारी संगठन आतंकवादी आरएसएस है ।
इस दुनिया में मनुष्यता की दो ही श्रेणियां हैं,एक हैं जुलम करने वाले जालिम और दुसरे हैं जुलम सहने वाले । सभ से बड़े जालिम हैं यह यहूदी भारत के ब्राह्मण जिन्हों ने भारत में,हज़ारों साल पहले,अपने जुलम करने के लिए मनुवादी कंस्टीटूशन बनाया और अपने नीचे वाले लोगों को मूरख बनाने के लिए और उन पर जुलम करने के लिए एक अंध विश्वाशी,मूर्ती पूजा वाले, अवैज्ञानिक और षड आंतरकारी हिन्दू धरम को चलाया,जिन का सभ से बड़ा जालिम और षड आंतरकारी संगठन आतंकवादी आरएसएस है ।
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