भारत की मनो दशा।
भारत के लोगों की मन की दशा धर्मों और जातियों में बुरी तरह बंटी हुई है ,इस लिए कोई भी पॉलिटिशियन इन को कम्युनल और जाती वाद के इश्यूज पर वर्गाला सकता है और बेवकूफ बना सकता है। जब कि भगवान् जैसा कोई भी आकाशों में बैठा नहीं है सिर्फ साइंटिफिक इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कॉस्मिक एनर्जी [इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम] के सिवाए जो सभी विश्व को चला रही है।
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