Friday, July 31, 2020
THE BASIS OF HINDU RELIGION.
THE FOUNDATION OF HYPOCRITE AND ILLUSION ED HINDUISM OR HINDUTAVA IS BRAHMANWAD CREATED BY THE BRAHMAN PRIESTS FOR THEIR EARNINGS FOR THEIR LIVELIHOOD OF LIFE.
BHARAT KA KALYAAN.
BHARAT DESH KI JAVLANT SAMASIYAAEN.
१, देश की बढ़ती हुई आबादी ,
२, देश की धवस्त हुई इकॉनमी,
३, भूखे मरते लोग, गरीबी,
४, बढ़ती हुई बेरोजगारी ,
५, कोई डेवलपमेंट नहीं,
६, बढ़ता हुआ कोरोना,मरते हुए लोग,
७, अनपढ़ता,
किया इन समस्याओं का हल राम मंदिर बनाने में
और देश की मुनाफा करती कामोनियों और इंडस्ट्रीज
को प्राइवेट करने में है ? देश को भृष्टाचार से लूटती हुई,अम्बानी और अडानी के सेवक और आरएसएस के मदारी और जुमलेबाज गुलाम मोदी जी की बीजेपी गवर्नमेंट बुरी तरह फेल हो रही है। चाहे ऐसे राम के मंदिर हज़ारों बन जाएं,साइंटिफिक विचारों और डेवलपमेंट के बगैर हिंदुत्व से देश आगे नहीं बढ़ेगा ,देश और से और गरीब होता जाएगा।
THE SCIENTIFIC TRUTH.
THE GOD OF THE IGNORANT MIND IS IN THE SHAPE OF SHASHTRAS,UPNISHADS,GRANTHS STATUES,SHIV LING AND TEMPLES=THE SCIENTIFIC SPIRITUAL GOD OF THE SCIENTIFIC AND MEDITATING SPIRITUAL MIND IS THE COSMIC ENERGY FALLING FROM THE SKY, SUN LIGHT,THE CLOUDS,THUNDER,NATURAL ELECTRICITY,AIR,RAIN AND SNOW.
THE SCIENCE.
UNLESS AND UNTIL THE SCIENCE BECOMES THE RELIGION OF ALL THE HUMANITY THESE EXISTING RELIGIONS WILL GO ON FIGHTING WITH EACH OTHER.
THE SIKHISM.
THE SIKHISM RELIGION.
THE SIKHISM IS THE LATEST RIGHT,MOST HUMANIST, SCIENTIFIC AND MILITIA RELIGION IN THE WORLD CREATED BY THE SAT GURU NANAK TO GURU GOBIND SINGH JI EXPERIENCES LOOKING AT AND FIGHTING WITH THE ATROCITIES OF THE MANUWADI,BRAHMANWADI,DISHONEST,MOST CORRUPT,BUSINESSMEN,HYPOCRITES OF THE HIGHEST CASTS AND HINDU OR HINDUTWADI RELIGION DONE ON OTHER HUMANITARIAN RELIGIONS LIKE BUDHISM FOR THEIR POLITICS AND BUSINESS AND DOWN TRODDEN AND NON DEVELOPED CASTS OF SC,SC AND OBC OF INDIA.
THE RIGHT RELIGION.
THE RIGHT RELIGION IS THAT ONLY WHICH HAS ONLY THE AIM OF HAVING SYMPATHY,LOVE AND SERVICE FOR THE WHOLE HUMANITY AT PAR WITH NO DIFFERENCE IN CASTE,CREED AND RELIGION AND WORKS ONLY FOR THEIR JOB,NUTRITIONAL FOOD,HEALTH AND LIVING HAPPILY.
THE HINDU RELIGION.
THE HINDU RELIGION IN COMPARISON TO THE SCIENTIFIC BUDHISM RELIGION IS A NON SCIENTIFIC,VIOLENT AND HYPOCRITE RELIGION OF ILLUSIONS TO MAKE ITS FOLLOWERS FOOLS AND SLAVES FOR THEIR BUSINESS AND POLITICS.
THE RELIGION.
THE RELIGION MAKES A MAN SURRENDER BEFORE THE ALL MIGHTY ENERGY, THE COSMIC ENERGY KNOWN BY THE IGNORANT AS THE GOD.
Thursday, July 30, 2020
BURNING ISSUES OF INDIA.
1. INCREASING POPULATION,
2. INCREASING JOBLESSNESS,
3. INCREASING CORONA AND ITS DEATHS,
4. TOTALLY DESTROYED ECONOMY,
5. NO DEVELOPMENT.
6. SEVERE POVERTY AND HUNGER.
7. ILLITERACY.
8. SOCIAL DISORDER.
IS BUILDING OF RAM MADIR AND PRIVATISATION OF PROFIT MAKING GOVERNMENT COMPAINIES AND INDUSTRIES ON PRIORITY, IN SUCH ABOVE CONDITIONS OF THE VERY BADLY FAILING MODI JI GOVERNMENT OF BJP AND RSS HAS ANY SOLUTION ?
Wednesday, July 29, 2020
DHARAM EK ABHISHAP.
SPIRITUAL ENERGY.
OON OR RAM=THE COSMIC ENERGY = THE ACTIVE ENERGY OR FORCE.
SITA=SEA TAAL= THE OCEANS.=THE REACTIVE ENERGY FOR CLOUDING,THUNDER OR NATURAL MAGNETIC AND ELECTRICAL ENERGY,RAIN AND SNOWING.
BODY=BIOCHEMISTRY OF THE ORGANIC MATTERS OF THE EARTH.
RAM.
घट घट में और कण कण में रहने वाले सर्व वियापी और आधियात्मिक शक्ति राम।
आज तक के ऋषि मुनियों और संतों के घट घट में और कण कण में रहने वाले सर्व वियापी अधियात्मिक राम को भारत के मूर्खों और अगियानियों की, आरएसएस और मोदी की हिंदुत्व की पदार्थवादी, वोट और कैपिटलिस्ट राजनीती की सरकार ने , शर्धालुओं के दिलों में बस्ते हुए सर्व वियापी, अधियात्मिक शक्ति के रूप में सच्चे राम के बदले , एक राजा दशरथ के बेटे को ,इंसान की शकल में और नकली राम की शकल में अयोधया के ईटों और पथरों के मंदिर में कैद कर के, अपने नकली आधियात्मिक गियान का परगटावा दे दिया है।
INSAAN,PRAKRITI AUR BHAGWAAN.
इंसान प्रकृति और भगवान्।
भारत की हिस्ट्री में कई इंसानी विभूतियों को अगियानी पुरषों ने भगवान् बना दिया , और ब्राह्मणों ने इन विभूतियों को अनपढ़ अगियानी लोगों दवारा इन की पूजा करवा कर अपना खाने पीने का धंदा चला दिया।
ASLI DHARAM.
असली धरम।
इस पृथ्वी पर किसी भी इस्त्री मां दवारा जनम लिए हुए इंसान को पूजना धरम नहीं है बल्कि प्रकृति दवारा जो भी दिखने वाली या ना दिखने वाली एक्सिस्टेंस है जो सभी जीवनों को रचने का कारन है, उसके ही अधीन रहने और विज्ञान [साइंस]दवारा उस की खोज और उसतत करना है।
INSAAN;PRAKRITI AND BHAGWAN.
इंसान प्रकृति और भगवान्।
भारत की हिस्ट्री में कई इंसानी विभूतियों को अगियानी पुरषों ने भगवान् बना दिया , और ब्राह्मणों ने इन विभूतियों को अनपढ़ अगियानी लोगों दवारा इन की पूजा करवा कर अपना खाने पीने का धंदा चला दिया।
Tuesday, July 28, 2020
जीवन दाता सूर्या
अगर तू न होता तो जीवन भी न होता,
हर जगह धरती पर सिर्फ ग्लेशियर ही होता।
अगर तू न होता तो गर्मी न होती
ग्लेशियर ना ढलते तो पानी न होता।
यह पानी न होता तो नदियाँ न बहती,
नदियाँ न होतीं तो यह समुन्दर भी न होता।
समुन्दर के पानी की भाफ भी न बनती,
न बनते बादल और बारिश भी ना होती।
धरती पर कोई हरियाली भी ना होती ,
ना ही कोई जीवन की उत्पति होती।
तू ही धरती माता को रोशन करता है,गर्मी देता है,
भोजन देता है और सभी जीवों का जीवन चलता है।
Monday, July 27, 2020
TATAVA GIYAAN
CONSCIOUSNESS=THE LIGHT ESPECIALLY THE SUN LIGHT,
ATMA=THE INSPIRING BREATHE=THE AIR=THE 0XYGEN AND NITROGEN,
MIND= ALL THE FORMS OF WATER,
BODY= THE BIO CHEMISTRY OF ORGANIC MATTERS.
THE DEVELOPMENT OF INDIA AND CHINA.
THE DEVELOPMENT OF CHINA IS FAR BETTER THAN INDIA DUE TO ITS BETTER GOVERNANCE SYSTEM.THE INDIAN ECONOMY AND ITS SOCIAL SYSTEM HAS TOTALLY BEEN SPOILED DURING ITS LAST 6 YEARS OF GOVERNANCE.
भारत के इस सी ,इस टी,और ओबीसी।
भारत के इस सी ,इस टी,और ओबीसी के सभी लीडर लालची हैं और अपने जीवन को चमकाने और जायदादें बनाने में वियसत हैं। इन के जीवन का भविष्य तो सिर्फ सोशलिज्म सिस्टम में ही जो कि चीन में है सुधर सकता है ,और किसी सिस्टम में नहीं।
अधियतम और धरम में अंतर।
अधियतम इंसान के अंदरूनी परिवर्तन यानि उसके खान पीन और विचारों में इंसानियत प्रति सामाजिक और इकोनोमिकल तल पर प्रेम ,हमदर्दी और सेवा भाव की शुद्धि करण या शोध और सत करम का नाम है ,जब कि धरम सिर्फ अंदरूनी बदलाव और सत करम के बगैर ही शरीर के बाहरले हार शिंगार और दिखावे का नाम है।
RAJ KAREGA KHALISA AAKI RAHE NA KOE.
KHALIS IN PUNJABI MEANS INTERNALLY AS WELL AS EXTERNALLY PURE IN ALL SENSES AND WELLNESS. KHALISA MEANS A SPIRITUAL PERSON WHO IS INTERNALLY AS WELL AS EXTERNALLY PURE AND STRONG BY THOUGHTS AND WELLNESS,THAT IS NATURAL AND PURELY DEDICATED IN LOVE,SYMPATHY AND SERVICE OF THE HUMANITY AS WELL AS OTHER LIVES ON THIS EARTH PLANET EQUALLY, WHERE NO ONE WILL REMAIN UNHAPPY,UNWELL, SOCIALLY AND ECONOMICALLY.
Saturday, July 25, 2020
THE SCIENCE OF THE NATURE.
सूर्य की रौशनी एक है [इक ऊँ कार],लेकिन धरती पर पानी और अट्मॉस्फेर में नमी यानि पानी के कण होने के कारन यह फिजिक्स के मुताबिक प्रिज्म का काम करते हैं जिस को अधयातम में मन भी कहा जाता है जो इस सूर्य की एक रौशनी को सात रंगों में परिवर्तित कर देता है और सात रंगों वाली पींघ बना देता है और पृथ्वी पर अलग अलग रंगों के फूल ऊगा देता है। हमारे अलग अलग विचार और धरम भी इन्हीं अलग अलग रंगों के कारन हैं जिन का कारन हमारा मन यानि पानी ही है। पानी यानि मन के पार आकाश में सभ एक है जिस को नानक ने वाहेगुरु, परमात्मा,भगवान् या गॉड कहा है ।
THE HUMAN AND THE RELIGIONS.
इंसान की साइंटिफिक,सेक्युलर और कुदरती जिंदगी में धर्मों का खलल डालने का पुआड़ा ही भारत की सारी मुश्किलों का कारन है,जिस की शुरुआत सभ से पहले आरएसएस/बीजेपी के हिन्दू धरम दवारा संविधान दवारा स्थापित सेकुलरिज्म और डेमोक्रेसी को ख़तम करके एक अतवादी हिन्दू राष्ट्र कायम करने की तरफ कोशिश है । उसके बाद ही थोड़ी गिनती के मुस्लिम , सिख और दलित वगैरा आरएसएस/बीजेपी के अतवाद से तंग आ कर ही अलग होने की मुहीम छेड़ रहे हैं और इस तरह से भारत को हर तरह से नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं।
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Friday, July 24, 2020
THE GOD.
H AIR E MATTER, ELECTRO MAGNETIC, UNIFIED, UNIVERSAL RADIATION ENERGY IS KNOWN AS THE EXISTENTIAL GOD.,
Wednesday, July 22, 2020
THE SPIRITUAL LIFE.
THE SPIRITUAL LIFE IS TO UNITE ALL THE SURROUNDING DIVINE FORCES OF THE EXISTENCE INTO YOUR OWN CENTER OF GRAVITY.THE DEATH IS THE DISINTEGRATION OF ALL SUCH UNITED FORCES.
WHO AM I ?
में प्राण आत्मा हूँ ,परम आत्मा [अट्मॉस्फेर ] का अंश हूँ।
में मेरे शरीर में भोजन,दर्व को खाने [ऑक्सीडाईज करने ] और मन की शक्ति को पैदा करने के लिए आया हूँ ।
मेरे खून के द्वारा मेरे शरीर की हर एक कोशिका को जीवन शक्ति देने आया हूँ,
इस ह्यूमन शक्ति को पैदा करके, में अपने जीवन के रोज मरा जीवन को निर्वाह करने के लिए आया हूँ ।
Tuesday, July 21, 2020
THE DIVINE NATURE.
THE DIVINE NATURE HAS TWO OPPOSITE POLARITIES OF THE NAGATIVE AND POSITIVE CHARGES OF THE MAGNETISM FOUND IN HUMAN MIND ALSO.
Monday, July 20, 2020
THE TRUTH.
THE TRUTH ONLY LIES WITH THE SCIENCE BEYOND THE FALSEHOOD IMAGINATIONS OF THE RELIGIONS.
WE ALL ARE HUMANS.
हम भारत में रहने वाले सभी भारतीय हैं और सभी इंसान हैं,धरम की मान्यताओं के हिसाब से हम अलग अलग असूलों पर चलने वाले हो सकते हैं पर हिन्दू तो बिलकुल भी नहीं हैं कियुँकि हिन्दू जैसा कोई भी शब्द कहीं नहीं है।भारत और भारतीयता के शब्दों को छोड़ कर हिन्दू और हिंदुत्व के शब्दों पर ही आरएसएस कियूं हमेशा जोर देती है ? इस के पीछे किया षड यंतर है ?
THE LIFE.
हमारे जीवन के 6 जरूरी अंश हैं जिन के नाम है :-
। संतुलन भोजन,
२ पानी,
३,हवा
४ रौशनी,
५ शरीर शुद्धि करण,
६ मन शुद्धि करण।
बाकी सभ धरम ,गियान,धियान करम व्यर्थ हैं,सिर्फ ब्राह्मणों दवारा आम जनता को उलझा कर और मूरख बना कर, अपनी रोटी, रोजी के वसीले बनाए हुए हैं।
Sunday, July 19, 2020
OUR LIFE SYSTEM AND ITS WELLNESS.
OUR BODY LIFE SYSTEM IS A VERY AMAZING AND COMPLETE PHENOMENON OF THE NATURE.IT IS MADE UP OF NEARLY 30 TRILLION CELLS. IF WE WANT OUR WELLNESS WE NEED TO TAKE HEALTH CARE OF ALL THESE 1OO % CELLS OF OUR BODY. SIMILAR IS THE CONDITION FOR OUR COUNTRY WHERE WE NEED TO TAKE ALL THE GOVERNMENTAL AS WELL AS SELF CARE TO BE TAKEN FOR THE 100 % OF THE POPULATION WITHOUT CONSIDERING THEIR GENDER,RELIGION,CASTE OR CREED IF WE WANT TO SEE OUR COUNTRY IN WELLNESS.