Saturday, December 14, 2019

आरएसएस संयोजक मोहन भगवत ।
आरएसएस भारत का एक ऐसा संगठन है जो रजिस्टर्ड नहीं है । इस के संयोजक मनुवादी ब्राह्मण मोहन भगवत इतने डरते हैं कि उसने अपनी रक्षा के लिए बीजेपी गवर्नमेंट से सभ से बड़ी सिक्योरिटी भी ली हुई है और आरएसएस की स्थापना भी उस ने अपने हिन्दू आतंकवाद के दंगे और फसाद, कतल और बॉम्बिंग जैसे घिनोने कर्मों की रक्षा करने के लिए ही बनाया हुआ है । बीजेपी की गवर्नमेंट रहते हुए किउं नहीं ऐसे हादसे होते हैं ,यह तो तभी होते हैं जब बीजेपी के विरोधियों की सरकारें हों । सोशल सेवा तो, यह मजबूरी में, लोगों की आँखों में धुल झोंकने के लिए ही करते हैं वास्तव में तो यह सीरिया के आई एस आई एस के मुस्लिम अततकवादियों के मुकाबले के आतंकवादी ही हैं । इन दोनों में फरक सिर्फ इतना है कि आई एस आई एस मुस्लिम राष्ट्र बनाना चाहती है और आरएसएस हिन्दू या हिंदुत्व राष्ट्र बनाना चाहती है । हैं दोनों अवल दर्जे के आतंकवादी ही ,दोनों का मकसद धरम आधारित राष्ट्र बनाने का है जिस में यह मनुवादी,ब्राह्मणवादी आरएसएस अपना मन चाहा राज करें जैसे मनुस्मिरीति आधारित और अम्बानी अडानी कैपिटलिज्म का ।

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