आरएसएस और बीजेपी ।
आरएसएस और बीजेपी का १९२५ में गोवलकर दवारा गठन कर के, अलग अलग धर्मों और जातियों में जहर घोल कर, इन को आपस में लड़ा कर, इनको नष्ट करके सिर्फ हिंदुत्व को ही आगे लाना था । यह एक हिन्दू धार्मिक मिललिटैंट संगठन है जिन को इन के शिवरों में लाठी और दुसरे खतरनाक शष्तर चलाने की सिखलाई दी जाती है तां कि जरूरत पड़ने पर जैसे आज कल प्रोटेस्ट हो रहे हैं ,इन को दबाने,कुचलने का उपयोग किया जाए जैसा कि जाममिआ मिलिया इस्लामिआ विश्व विद्यालय में पुलिस के साथ मिल कर, विद्यार्थियों पर बर्बरता करने के लिए किया गया । इस संगठन में मुसिमज के विरुद्ध भड़काया जाता है और मुस्लिम्ज़ को सभ से बड़ा हिंदुओं का दुश्मन समझा जाता है ।इस लिए यह आई एस आई एस की तरह ही हिंदुत्व की स्थापना करने के लिए, एक गैर कानूनी बगैर पंजी करण के, आतंकी और बहुत खतरनाक संगठन है,कोई सामाजिक काम करने का ड्रामा करना तो इन का, जनता की आँखों में धुल झोंकने के लिए ही है । इस संगठन को तो भारत की शान्ति के लिए और हमेशा के लिए फ़ौरन बैन कर देना चाहिए और इस का मलियामेट कर देना चाहिए ।
आरएसएस और बीजेपी का १९२५ में गोवलकर दवारा गठन कर के, अलग अलग धर्मों और जातियों में जहर घोल कर, इन को आपस में लड़ा कर, इनको नष्ट करके सिर्फ हिंदुत्व को ही आगे लाना था । यह एक हिन्दू धार्मिक मिललिटैंट संगठन है जिन को इन के शिवरों में लाठी और दुसरे खतरनाक शष्तर चलाने की सिखलाई दी जाती है तां कि जरूरत पड़ने पर जैसे आज कल प्रोटेस्ट हो रहे हैं ,इन को दबाने,कुचलने का उपयोग किया जाए जैसा कि जाममिआ मिलिया इस्लामिआ विश्व विद्यालय में पुलिस के साथ मिल कर, विद्यार्थियों पर बर्बरता करने के लिए किया गया । इस संगठन में मुसिमज के विरुद्ध भड़काया जाता है और मुस्लिम्ज़ को सभ से बड़ा हिंदुओं का दुश्मन समझा जाता है ।इस लिए यह आई एस आई एस की तरह ही हिंदुत्व की स्थापना करने के लिए, एक गैर कानूनी बगैर पंजी करण के, आतंकी और बहुत खतरनाक संगठन है,कोई सामाजिक काम करने का ड्रामा करना तो इन का, जनता की आँखों में धुल झोंकने के लिए ही है । इस संगठन को तो भारत की शान्ति के लिए और हमेशा के लिए फ़ौरन बैन कर देना चाहिए और इस का मलियामेट कर देना चाहिए ।
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