हमारे जीवन की साइंस।
ओ अलग अलग धर्मों के नफरती बखेड़ों में बंटे इंसानों,तुम मानो या न मानो ,
हम सभी का धरम अपना अपना जीवन है,इस को जानों और पहचानो।
रोटी,कपडा, मकान और सवास जिसकी जीवंत रहने के लिए मूल भूत जरूरत है,
हवा-ऑक्सीजन,पानी और दृष्टि के लिए रौशनी जिसकी स्पिरिचुअल जरूरत है।
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