हम किया हैं ?
हम एक हवा और बादलों के जोंखे से जियादा कुछ नहीं हैं ,
इस शरीर से निकल कर, हवा के समुन्दर, अट्मॉस्फेर में मिल जाएंगे,
जिस पर सारे ब्रह्म की रौशनी कोहिनूर हीरे की तरह चमक रही है ।
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