हम कौन हैं ?
हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बोध, और जैन होने से पहले जिन लेबलों और ठप्पों का हमारे जीने में कोई योगदान नहीं है, हम एक जीव हैं ,इंसान हैं ,हमें जीने के लिए ,बैलेंस्ड भोजन,स्वच्छ पानी,स्वच्छ हवा,कपडे,मकान,तालीम,रोज़गार, मेडिकल और ट्रांसपोर्ट की सहूलतें चाहियें जो हमारे जीवन का आधार हैं । धार्मिक धंदा करने वाले लोगों ने हमें बेवकूफ बना कर इन धरम के चक्क्रों में उलझाया हुआ है। तोड़ डालो ऐसे सभी फज़ूल बंधनों को,और अपने जीवन को सूंदर,सुगड़ और आनंद मई बनाने की परवाह करो।
No comments:
Post a Comment