Friday, May 21, 2021

INSANIYAT KA PAEMANA.

 इंसानियत का पैमाना। 

जो मनुष्य अपनी मां से गद्दारी कर सकता है,अपनी १६ साल की उम्र में,उसकी जीवन की कमाई हुई दौलत [सोना] अपने ही घर से चोरी कर के घर से भाग जाता है,जिसकी गमी करते हुए उसका पिता इस दुनिया को छोड़ जाता है,ऐसी साइकोलॉजी का मनुष्य  किया सिर्फ अपना निजी  फायदा सोचते हुए, किसी देश को बर्बाद करते हुए उस की परवाह करेगा और उस देश के लोगों की परवाह करेगा ? यह सभ खेल ह्यूमन साइकोलॉजी  का है ,मनुष्य के  गंदे  मन का है जिस पर उसका कोई नियंतर नहीं है । 

   

    


 

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