हमारी भारत की मूर्खताएं।
हम अपने एहम को बड़ा करने के लिए ,बड़े बड़े मंदिर,मूर्तियां बनाते रहे,चदरम्या और मंगल पर जाने की होड़ में धन लुटाते रहे,अमीरों को और अमीर और गरीबों को और गरीब बनाते रहे,अपने घूमने फिरने के लिए मंहंगे जहाज खरीदते रहे,मगर ना तो हमने अच्छे हॉस्पिटल बनाए नाही हमने अच्छे कॉलेज और यूनिवर्सिटीज बनाई ना ही सेहत के लिए कोई वातावरण की शुद्धि की और आज हम कोरोना की कुदरत की मार को बुरी तरह झेल रहे हैं। टीकों के लिए पैसे नहीं हैं ,ऑक्सीजन नहीं है,और हॉस्पीटलज में बेड नहीं हैं। ऐसी निकम्मी सरकार को कियूं बर्दाश्त किया जा रहा है समझ से बाहर है।
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