मनुवादी,अंध विश्वाशी, ब्राह्मणवादी आरएसएस और बीजेपी ।
जौसे जैसे भारत के मूलनिवासी [इस सी,इस टी,ओ बी सी और मुस्लिम्ज़,सिख,बौद्ध,जैन, लिंगायत और इसाइज के मिनोरिटीज ] अपने डॉ। आंबेडकर संविधान के दवारा दिए गए हकों के लिए,और यह ८५ % होते हुए अपना राज कायम करने के लिए , चेतन हो रहे हैं और इस लड़ाई के लिए तैयार हो रहे हैं वैसे वैसे आरएसएस के नकली ब्राह्मणों के दम खुश्क हो रहे हैं ,इस लिए बीजेपी के ऊपर आरएसएस का बहुत बड़ा दबाव पड़ रहा है कि देश को जल्दी से जल्दी, बीजेपी राज में, हिंदूतव राष्ट्र घोषित किया जाए और बीजेपी के लिए वोट बैंक बढ़ाया जाए और ऑप्पोजीशन की वोट को जो जियादा तर मुस्लिम्ज़ की है ,कम किया जाए । सारा चक्कर किसी न किसी तरीके से सत्ता को हथियाए रखने का है ,धरम का नहीं है ,धरम जाए भाड़ में ,धरम किया होता है इन को कोई गियान ही नहीं है ,सिर्फ सत्ता चाहिए,कियुँकि यह सभ लोग गुंडे ,रेपिस्ट,कर्रप्ट,बेईमान,इण्डस्ट्रिलिस्ट्स ,कैपिटलिस्ट और चरितरहीन लोग हैं । एन आर सी, इसी संधर्व में लाया जा रहा एक्ट है । मूलनिवासिओं को चाहिए कि अपने लक्षय को पूरा करने के लिए ,बहुत जल्दी अपने भेद मिटा कर, संगठित हो कर,साइंटिफिक योजना से , इन आरएसएस के डीएन ए के मुताबिक, अंध विश्वाशी विदेशी ब्राह्मणों को ,जो कि भारत के जालिम काले अंग्रेज ही हैं, इन की सत्ता से या अगर हो सके तो देश से ही मुकत करें । तभी जा कर भारत सइंटिफिकली आगे बढ़ेगा और विकास करेगा और गरीबी हटेगी,समृद्ध बनेगा,आरोग्य होगा और खुश होगा ।
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