Sunday, December 15, 2019

दुख और सुख ।
अपने दुखों और सुखों के कारण तुम खुद ही हो ।तुम्हारा अपने प्रति गियान और विज्ञान ही सुख का कारन है और इस के उल्ट होना ही दुख का कारण है । अपने प्रति गियान और विज्ञान होना ही भगवान् परम आननद की प्राप्ति है ।
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