Sunday, January 28, 2024

TUMHARI SAMAJH.

 तुम्हारी समझ। 

तुम्हारी समझ ही तुम्हारी सर्वोपरि बुद्धि और  किस्मत है। अगर तुम्हें किसी  रोज़गार की जरुरत नहीं है इस  के लिए तुम्हें पढ़ने लिखने और किसी ट्रेनिंग या कोर्स  की जरुरत नहीं है , तुम्हें रहने के लिए एक घर जिस में  शुद्ध पानी,शुद्ध शौचालय,और शुद्ध बाथ रूम  की जरूरत नहीं है, अगर तुम्हें अपने बच्चों के लिए अच्छे और सस्ते  स्कूलों की जरूरत नहीं है,अगर तुम्हें अपनी सेहत बनाए रखने के लिए अच्छे हसपरालों और अच्छी और सस्ती  दवाओं की जरूरत नहीं है,  मतलब कि अगर तुम्हें अच्छा जीवन जीने के लिए सारी सुख सुविधाओं की जरूरत नहीं है और तुम मंदिरों में भजन कीर्तन करके ही  ख़ुशी हो और जैसा पॉलिटीशंज तुम्हें चाहें  नाचते रहो  और आनंद का जीवन बतीत कर रहे हो तो करते रहो  तो तुम अपने जीवन के मालिक हो जैसा ठीक समझो करते रहो, नहीं तो नींद से जागो, सिर्रफ संघर्ष और इंक़लाब ही एक तरीका है जिस से तुम अपने सपनों का जीवन अपने पसंद की सरकार बना कर  अपना जीवन सुधार सकते हो और इस अंधी,बेईमान,कोर्रप्ट,षड यंतरकारी, कम्युनल और अधर्मी दुनिया में और कोई  तरीका नहीं है। 


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