भारत की साइकोलॉजी।
भारत की साइकोलॉजी में हज़ारों सालों से हिन्दुओं के कालपनिक भगवानों के मंदिर तो बनते गए और षडयन्तरकारी पॉलिटीशंज और ब्राह्मण पुजारी वर्ग इनकी झूठी कहानियां और कथाएं सुना सुना कर, आम जनता को बेवकूफ बना कर यहाँ के धन और पोलिटिकल पावर का लाभ उठाते गए और आम जाता के जीवन सत्तर को दुखी से दुखी करते गए और इस के सत्तर को बाकी दुनिया के मुकाबले गिराते गए । आज इन के पड़ोसी देश,अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए ,पिछले तीस वर्षों में, इनसे हर हाल में, पांच गुना आगे निकल गए हैं और यह लोग अपनी दरिदरता और गरीबी को नहीं मिटा पाए हैं।सिर्फ अपने काल्पनिक भगवानों के गुणगानों में ही धरम के अफीम जैसे नशे में पागल हो कर लगे रहे जो तुम्हें हज़ारों सालों में बेहतर जीवन नहीं दे सके।
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