हमारी चेतना।
कुदरत में सचाई की चेतना सूर्य के दवारा हर पृथ्वी के मनुष्य की बुद्धि में धरती की हवा और बादलों के पानी के जरिये इंसानियत के शुभ विचार पैदा किये जा रहे हैं और सही जीवन का रास्ता बताया जा रहा है । जो भी मनुष्य इन विचारों के विरुद्ध अपने जीवन की साइकोलॉजी को चलाएगा वह अपनी डेस्टिनी का जुम्मेवार खुद होगा और इसके परिणाम खुद भुगतेगा ।
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