हम कौन हैं ?
हमारे नीचे भी जमीन की आग है,
हमारे ऊपर भी सूर्य की आग है।
हम बीच के भोजन,पानी और हवा के गेस्सेज है,
जो निरंतर गरम हो कर ऊपर उठ रहे हैं ।
ऊपर से ठण्ड इन पर दबाओ डाल रही है,
और ठन्डे हो कर फिर जमीन पर गिर रहे हैं ।
जीवन कुदरत और असिस्तव का सिर्फ एक खेल है,
इसके सिवा इसका कोई भी कहीं मंतव्य नहीं है।
इस सदीवी खेल के साथ तुम भी एक खेल ही हो जाओ,
इसके हर गम,ख़ुशी और आनंद में सम्मिलित हो जाओ।
No comments:
Post a Comment