गियान।
धर्मों का गियान,विद्यालय का गियान सभ झूठा है,जब तक इसको अपने शरीर से अनुभव किया नहीं ,
सभ ग्रंथों के,सभ कथाकारों के,सभ गुरुओं के, सभ फिल्मों के गियान भी फीके हैं जब तक इनको अपने जीवन के अनुभव में उतारा नहीं।
यह जगत अनंत धन्दों का बाजार है इस की माया के चक्कर में फंस कर जीवन
गंवाना नहीं,
जीवन एक मानने का अवसर नहीं है बल्कि जानने का अवसर है इसको कौड़ियों के भाव से गंवाना नहीं।
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