बाघेश्वर बाबा और राम देव जी की जुगल बंदी।
ब्राह्मणों दवारा चलाया गया हिन्दू धरम आम लोगों को हज़ारों सालों से, मूरख बना कर और अपने भगतों को अपने ग्राहक बना कर, अपने कारोबार को दिन दूनी रात चौगुनी तरकी करवाने के चककर में लगा रहता है। भागेश्वर बाबा धारिंदेर कृष्ण शास्त्री पवन कुमार हनुमान [हवा] के नाम पर कारोबार की सीढ़ी चढ़ रहे हैं और राम देव योग [कसरत और पतंजलि योग ] और आयुर्वेदा दवाइयों के बल पर अपना धंदा चला रहे हैं। दोनों पाखंडी,आज कल की साइंस के पढ़े लिखे साइंस और इंटेलिजेंस [सचाई ] की बुद्धि रखने वाले मनुष्यों के बहुत बड़े दुश्मन हैं और भारत को पीछे हज़ारों साल की पुराणी[पथरो से आग जलाने वाली] अनपढ़ता की संस्कृति,गरीबी और दुर्दशा में ले जाना चाहते हैं। दोनों रामायण की पुराणी षड यांतरकारी लिखी हुई कथा के पातर राम और हनुमान [बंदर] के नाम को जो यह खुद अपने आप को वैसा पातर समझने की गलती कर रहे हैं,दुनिया में ,भारत को,आरएसएस और बीजेपी की शह पर, भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित करके ,अपने आप को मशहूर करना चाहते हैं । यह सारा कुछ और कुदरती आपदाओं की घटनाएं, महा काल के परिवर्तन चक्कर के मुताबिक हो रही है।
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