हम सभ किया हैं ?
हम सभ इस कुदरत और असिस्तव को दर्शाने वाले जिन्दा नमूने के इंसान कहलाने वाले जीव हैं, जिस के सर/मतषक से असिस्तव माता के आशीर्वाद की,चेतना की,वैलनेस की,ठंडक की,पॉजिटिव शक्ति की, आकाश और सवरग से बारिश होती है और नीचे पाँव से और मूतर और मल दवारों से नर्क का,मन मैले का,बायो की पुष्टि के लिए फ़र्टिलाइज़र का, नेगेटिव एनर्जी का,थर्मल/गर्मी का, सभ दुखों का निकास होता है। हम सभ एक बार मैगनेट के दो विरोधी,पॉजिटिव और नेगेटिव पोलेरिटी लिए हुए कुदरत के यंत्र हैं। हम सभी अलग अलग मतों/साइकोलॉजी/फलसफा /धरम के होते हुए भी असिस्तव की एक ही सभ से खूबसूरत और प्रेम के स्वासों की माला के अलग अलग रंगों के मोती/मनके है। घिरणा, विरोध,अहंकार,तशदद,मारना,रायट/वायलेंस/टेर्रोरिज्म करना, बेईमानी करना ,झूठ बोलना,और ईरखा करना,सिर्फ पावर,धन और दौलत की दौड़ के नशे में गलतान/चूर , इंसानियत से उलट, किसी विषैले जीव होने के लक्षण हैं।
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