इंसानियत की सोच।
इंसान की सोच अपने जीवन को सुखी,सूंदर,शांत और समृद्ध बनाने के बजाए, इसको तरह तरह के बेईमान ,सियासत,गुंडागर्दी और डिवाइड एंड रूल के षड यंत्रों से लैस किया जा रहा है,कियुँकि सरकारों में ऐसे लोगों का कब्ज़ा हो गया है। इस दशा की सभ से बड़ी मिसाल भारत में हो रही देखी जा सकती है।
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