भगवान् की भगति और सेवा किया है ?
भगवान् हर जीव के अंदर रह रहे प्राण और जीवन शक्ति का नाम है। इंसान और इंसानियत और सभी जीवों की सेवा और उनके जीवन का उंच नीच से ऊपर उठ कर बेहतर सुधार, उनके जीवन में शांति पैदा करना ही भगवान् की सभ से बड़ी सेवा और भगति है ना कि मंदिरों,मस्जिदों, गुर्दवारों,चर्चों में जा कर पाठ,प्रार्थनाएं करना ,और माथे टेकना।
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