भारत।
भारत १९४७ के बाद आज तक, ना तो डेमोक्रेसी ही रहा है और ना ही रिपब्लिक ही रहा है। धन के भूखे पॉलिटीशंज ने इस के धन को ही आज तक निचोड़ा है। ख़ैर इस इन्साफ की लड़ाई शुरू तो हो गई है पर इस को सिरे लगाना अभी बहुत दूर और कठिन है।
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