में और कुदरत का रिश्ता।
ऑक्सीजन मेरी स्वासों में आ करके मुझे जीवत कर देती है ,
नाइट्रोजन मेरे अंदर भर करके मुझे सुडोल कर देती है।
में तो माटी के कणों से बना एक थैला हूँ,
जिस में जीवन की दौलत समेटे लिए फिरता हूँ।
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