Wednesday, October 21, 2020

AMBEDKARISM KA SACH KIYA HAE ?

अम्बेडकरीजम का सच किया है  ?

आंबेडकर जयंती को मनाना  ,आंबेडकर की मूर्ती को फूलों के हार पहनना, आंबेडकर के नाम कोई स्मारक बनाना,शहरों,सड़कों और मुहल्लों के नाम रखना ,मोदी की तरह लच्छेदार भाषण देना और जय जय कार करना, अम्बेडकरीजम नहीं है जब कि दलित और गरीब हज़ारों मील गर्मी में पैदल चल कर मर रहे हों , कुपोशण से मर रहे हों ,भूखे पियासे मर रहे हों,और गन्दी बस्तियों में रह कर बीमार हो रहे हों और मर रहे हों,बेरोजगारी से तंग आ कर खुद काशियाँ कर रहे हों ,सर्दी और भीषण गर्मी झेल रहे हों,तालीम न मिल रही हो,मेडिसिन न मिल रही हो, बैलेंस्ड डाइट न मिल रही हो,बिजली,शुद्ध पानी,और हवा,और वातावरण ना मिल रहा हो  तो सभ पोलिटिकल पार्टियों का नाटक है ,ड्रामा है,इनके दिलों में विवस्था परिवर्तन करने की और जात पात को मिटाने की  कोई संकलप शक्ति नहीं है,बल्कि सिर्फ मनुवाद और ब्राह्मणवाद  को बचाके रखने का ही प्रयास है।  


  


   


  


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