सूर्य और पृथ्वी।
यह सूर्य भी एक दिन इस पृथ्वी पर शीतलता बन कर उतर आएगा,
इस असत व्यस्थ हुई दुनिया को अपना सतोगुणी गियान दे जाएगा ।
सभ दबे कुचलों को समान और सुखों की दौलत दे जाएगा,
और अहंकारी,और पावर के भूके बेड़ियों को सजा दे जाएगा।
जो कुछ भी पवित्तर पानी और हवा की शीतलता आज हम इस पृथ्वी पर देख रहे हैं,
यह सभ भी सूर्य की किरपा से ही गरम हो कर, बादल बन कर सभ को जीवन देने के लिए बरस रहे हैं।
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