भगवान वातावरण।
भगवान हमारे इर्द गिरद का वातावरण है,जिस वातावरण से हम अपना भोजन लेते हैं,पानी पीते हैं,सवास [ऑक्सीजन] लेते हैं, रौशनी और दूप लेते हैं और अपने भोजन की उत्पति के लिए बारिशें लेते हैं,लेकिन अवैज्ञानिक धर्मों ने हमारी बुद्धि को, हमारी वैज्ञानिक अज्ञानता होने के कारन , अपने गंदे धंदे के लिए, उलझा रखा है। कोई भी धरम हमारे वातावरण से बड़ा और शक्तिशाली नहीं है।