Monday, August 8, 2022

MANDIR,MASJID.

 मंदिर,मस्जिद। 

अगर ईटों पथरों के मंदिर ना  होते,

तो हमारे मनों के झगडे न होते। 

अपने ही  शरीर के मंदिर में प्रवेश होते,

अपने अपने मन को समझने में व्यस्त होते। 

हमारा मन ही है सारी मुसीबतों का करता,

इसको शांत करे बिना कोई समाधान नहीं मिल  सकता।

अपने ही मन की  तू लगाम पकड़ ले ,

सभी जीवन के  दुःख दर्दों को काबू करने की जुगती पकड़ ले। 


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