Monday, August 1, 2022

IK OONKAAR KIYA HAE ?

 इक ऊँ कार किया है ?

इक ऊँ कार बिना किसी जाप को किये,मीस्टिक [साइंटिफिक] गियान [धुर बाणी] की धवनि है,सिम्फनी है,म्यूजिक है, ब्रह्म  की ,असिस्तव की,कुदरत की,

वह नानक का सिख नहीं, जिसने २४ घंटे, इस अजपा जाप के म्यूजिक - इक ॐ कार, को पाया नहीं,सुना नहीं ,

सारी  दुनिया पाखण्ड करने में लगी हुई है  ,सच किसी ने भी  पाया नहीं ,

जब तक तू अपने ही शरीर के  गुरु दवारे में प्रवेश करके,धियान मगन हो करके अपने आप के,शरीर,मन,आत्मा और अपने  विवेक/अवेयरनेस  [रौशनी को] नहीं पा लेता और अपनी मुसीबतों के कारन- अपने अँधेरे/अगियान/इग्नोरेंस  को नहीं मिटा लेता,

यह बाहर की सूंदर  ईटों पथरों की बिल्डिंग्ज  तेरे कुछ काम की नहीं सभ मिटटी है ,

तेरा अपना शरीर ही- भगवान्,इश्वर,वाहेगुरु और गॉड का  मंदिर,मस्जिद,गुरुदवारा और चर्च,बुध,महावीर, राम, कृष्ण,मुहमद,नानक और जीसस,ब्रह्मा,विष्णु और शिव है,जिस में हमारे जीवन के  सारे/सभी  अनुभव होते हैं, 

इस अपने ही शरीर के गियान को धरम कहते हैं,अगर इस को जाना नहीं, तो कितना ही पढ़ ले, पर कुछ भी जाना नहीं, 

बिना इस शरीर को जाने पहचाने तू बंदर ही है इंसान नहीं, ऐसे ही उधम मचाता रहेगा, कुदरत के जीवों को मारता रहेगा,युद्ध करता रहेगा,पाखण्ड करता रहेगा और  मुसीबतों के पहाड़  झेलता रहेगा। 

 

No comments:

Post a Comment