प्राण शिक्षा [ SCIENTIFIC RESPIRATION ]
ओ भोले इंसान अज्ञानी,
पढता रहा तू नानक बाणी,
पवन [AIR-OXYGEN] गुरु को जाना समझा जो नहीं,
ना नक् की बाणी जानी, समझी नही,
नक्-
गुरु दवार में आने जाने की साइंस को समझा नही,
अपने जीवन को निरोग और सफल करने की जुगति [KEY] को पाया नहीं।
No comments:
Post a Comment