मेरे भगवान्।
मेरे भगवान् मेरे में मेरे विचार,समझ,भाव,बादल और आंसू बन कर रहते हैं,गरजते हैं और कड़कड़ाते हैं ,
और मेरे दुःख दर्दों का नाश करने के लिए ठंडक की बारिश बनकर मेरे को अनेकों आशीर्वाद के वरदान देते हैं।
धरती पर जब सूखा,काल और गर्मी का वातावरण छा जाता है,तो बारिश की मोतियों जैसी पवित्र बूंदों से इस को निहाल कर देते हैं,
धरती को हरी भरी करके,सभी जीवों के लिए,उन का शुद्ध भोजन,पानी,सवास के लिए, शुद्ध हवा और रौशनी का दान कर देते हैं।
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