यह जाल साजों की दुनिया।
इस दुनिया में सभ, कोई पॉलिटिक्स के नाम पर और कोई धरम या अधयातम के नाम पर और कोई बिज़नेस के नाम पर मछलियां पकड़ने वाले मछेरे हैं ,सभ अपना अपना जाल बिछाए बैठे हैं,बद किस्मती है उन मछलियों की जो इन के जालों में फंस जाती हैं और अपनी आज़ादी का जीवन खो बैठती हैं।
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