रस धाराएं।
जैसे इस धरती पर, नदियों में,चश्मों में,बारिशों में ,सनोइंग में रस की धाराएं बहती हैं ,
ऐसे ही हमारे शरीरों में भी,हमारे ब्रेन और नर्वस सिस्टम में,भगवान्- प्रेम रस की धाराएं बहती हैं ,जिन्हों को जानना और समझना,हम इंसानों के लिए , बहुत जरूरी है।
यही ऐकू प्रेशर की,जीवन के रस की धाराएं [मेरिडियनज ] ही तो हमें जिन्दा रखती हैं और जीवन का आनंद देती हैं नहीं तो हमारा जीवन एक बिलकुल सूखी धरती जैसा हो कर मर जाएगा।
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