Thursday, December 23, 2021

RAS DHAARAEN .

 रस धाराएं। 

जैसे इस धरती पर, नदियों में,चश्मों में,बारिशों में ,सनोइंग में रस की धाराएं बहती हैं ,

ऐसे ही हमारे शरीरों में भी,हमारे ब्रेन और नर्वस सिस्टम में,भगवान्- प्रेम रस   की धाराएं बहती हैं ,जिन्हों को जानना और समझना,हम इंसानों के लिए , बहुत जरूरी है। 

यही ऐकू प्रेशर की,जीवन के रस की धाराएं [मेरिडियनज ] ही तो  हमें जिन्दा रखती हैं और जीवन का आनंद देती हैं नहीं तो हमारा जीवन एक बिलकुल सूखी धरती जैसा हो कर मर जाएगा।  


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