अगर यह न होते।
अगर इस पृथ्वी पर सूर्य की रौशनी/एनर्जी ना पड़ती, ना ही यहाँ पानी बनता,ना ही कोई हवा होती ना ही कोई बारिशें होती और स्नो पड़ती और ना ही यह ग्लेसियर्ज होते,ना ही कोई पानी की नदियाँ बहती,चश्में बहते,झीलें बनती ना ही यह ओशन होते, ना यह हरियाली और दरखत ही होते ,ना कोई ऑक्सीजन होता,नाही इस पृथ्वी पर कोई जीवन होता और ना ही हम तुम होते और न इस पृथ्वी पर इतने उपद्रव,षड यंत्र और कतल,जंग और जुलम होते।
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