जीवन का बीज।
जीवन का बीज जब जमीन के गर्भ में जाता है ,
नमीं और सूर्य की धुप इसे तोड़ कर अंकुर निकालती है।
वातावरण अंकुर को पुष्टि देता है ,बड़ा करता है ,
फूल और फल लगता है ,जीवन का अंतिम लक्ष्या पूरा करता है।
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