भारत के बेरोजगार।
हमें मूर्तियां और मंदिर नहीं चाहिए,मंदिरों में बैठे पुजारी तो हमें देवताओं से डरा कर लूटते हैं। हम भूखे मर रहे हैं,हमारे पास कोई काम करने के लिए रोजगार नहीं है। हमारे पास हमारी बीमारियों का इलाज करवाने के लिए धन नहीं है। हमारे बचे अच्छी शिक्षा नहीं ले पा रहे हैं। हमें रोजगार दो नहीं तो हम और शांति में नहीं रह पाएंगे।
No comments:
Post a Comment