हिन्दुओं के राम को रहने को हिंदुओं ने एक घर दे दिया।
कितनी बड़ी विडंबना है कि नानक और कबीर के उस राम को जो पूर्ण आकाश का वाली है,सभी इंसानों के दिलों में और कण कण में रहता है ,जो हर इंसान के खून में स्वास दवारा, मिल कर शरीर के सभी करोड़ों सेलों को जीवन देता है ,जिस के बगैर सेल्ल मर जाते है उस राम को मूरख,धन के भूखे ,अगियानी,सियासी,ब्राह्मण हिन्दू अपनी रोजी,रोटी के धंदे के लिए, ईटों पथरों का अपने जैसा घर बनाके दे रहे हैं।
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