Tuesday, August 11, 2020

DHARAM NAHIN YEH ADHARAM HAE .

धर्म नहीं यह अधरम है। 

अलग अलग धर्मों  में बंटे अंध भगतों ने  मेरे भारत को मोह लिया है,

इंसानियत  का कतल हो गया  है , मेरा भारत रो रहा  है।  

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