Monday, April 20, 2020

भारत का बदलता चेहरा ।
भारत १९४७ की आजादी के बाद, एक सच्ची डेमोक्रेसी का दावा  करने वाली सरकारों के दावेदार होने के पीछे ,यहां के सरमाएदारी नज़ाम के पॉलिटीशंज दवारा जात पात और कम्युनलिस्म में बंट कर रह गया है । १९१४ से तो यह  देश हिटलर शाही डॉक्टराइन पर चलने वाली आरएसएस ,बीजेपी हिंदुत्व की आड़ में पूर्ण कम्युनलिस्म का खेल खेल रही है और भारत की बुनियादी संस्कृति  को नष्ट करने पर उतारू है ।

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