Monday, February 19, 2024

DHARAM AUR VIGYAAN.

धरम और विज्ञान।
धरम तो कुदरत के बारे में झूठे अवैज्ञानिक तुके ही लगा कर आज तक लोगों को मूरख बनाता रहा है,
असल में भेद सभ खोलें हैं पूर्ण विज्ञान ने, तजुर्बे करके और सिद्ध करके कुदरत के गहरे सीक्रेट्स
को।
सूर्य की रौशनी जब पानी के प्रिज्मों /क्रिस्टलों में से गुजरती है तो फिजिक्स के प्रिज़्म के तजुर्बों में सात रंगों को पाया गया ,
ऐसे ही जब नेगेटिव और पॉजिटिव चार्जड बादल आपस में टकराते हैं तो घर्षण से आसमानी बिजली का जनम होता है।
जो पानी बादलों की भाफ बन कर आसमानों में गया है ,वही बारिश बन कर नीचे गिरते हैं ,
बादलों और हवा का प्रेशर ही जहाजों को उड़ाए फिरता है ,और यही एटमोस्फियरिक प्रेशर ही हमारे कन्धों और ऊपर
का वजन है और हमारा आशीर्वाद है।
इसी एटमोस्फेरिक प्रेशर के आगे झुकना ही प्रार्थना है,शुक्राना है और इस प्रेशर को शरीर से गुजार देना और एअर्थ/ग्राउंड कर देना ही मैडिटेशन और हीलिंग/निरोगता है।
इस से सिद्ध होता है कि धरम के तुके सभ झूठ हैं और विज्ञान दवारा सिद्ध किये हुए तजुर्बे ही सिर्फ सच्चे है,
धरम के तुके इंसान को मूरख बनाते हैं और साइंस दवारा सिद्ध किये हुए तजुर्बे ही सिर्फ हमारे गियान का सच हैं।
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