धरम या फलसफा किया है ?
धरम जब इंसान की जीने के लिए सभी जरूरतें,जैसे अपनी जीवन कमाई के लिए,पढ़ना लिखना, खाना पीना,रहना ,सेहत का धियान रखना,आने जाने के इंतज़ाम,विवाह शादी के लिए इंतज़ाम पूरे हो जाएं, तो जो बाकी टाइम बचे उस में धरम जिसे फलसफा भी कहते हैं के लिए पढ़ने,सोचने और विचारने में लगाया जा सकता है नहीं तो धरम सिर्फ मोरल एजुकेशन, शान्ति और निरोगता पाने,ख़ुशी और आनंद अवस्था पाने के इलावा बाकी सभ कहानियां,कवितावां,गीत लिखने और गाने वालों की गियान वर्धक और मनोरंजक कथाएं या उन के शौक,जिन का जीवन के लिए कोई उपयोग नहीं है , के इलावा कुछ भी नहीं है,सिर्फ टाइम को ख़राब करना है ।
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