मनुवादियों / ब्राह्मणों को चेतावनी।
ओ चमड़ी के शुद्ध वस्त्रो में लिपटे मन मैला गंदगी के मनुवाद के ढेरो,
हो जाओ बेहोशी से सुचेत अब तुम्हारे इम्तिहान का वकत आ गया है।
न चलेगी अब तुम्हारी हिटलर की फासीवाद की सोच और ५६ इंच की छाती,
सभ टूट जाएंगे तुम्हारे अब कमजोर वर्गों को संताप देने के सपने, यह नामुराद चालाकी कुदरत को अब बिलकुल भी नहीं भाती।
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