हमारा भगवान्।
हमारा भगवान् धरती,बीज,पानी,हवा,आकाश और सूर्य के सिरजन के सिवा कुछ भी नहीं है,
इन धर्मों ने,और पॉलिटीशंज ने, ना हक़ हमारे मनों में, किन किन वहमों के बीज बो दिए हैं।
अपने फायदों के लिए,हमें दिन रात लड़ाते रहते हैं,
आप तो खुश और शांत नहीं हैं ,हम को भी सताते रहते हैं।
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