हवा, रौशनी और एलेक्ट्रोमग्नेटिजम ।
ओ स्पेस में रहने वाली हवा और रौशनी तेरी जितनी महिमा करूँ उतनी ही कम है। तू ही सभ प्राणियों को सवास दे कर उन का प्राण बन रही है,जीवन दे रही है, तेरे बगैर सभ पदार्थ बे कार हैं,तू नहीं तो जीव भी नहीं है ,तू ही सभ के नीले खून को ऑक्सीजन का लाल रंग दे रही है । रौशनी तू ही सभ प्राणियों को यह जगत का दर्शन करा रही है ,तू ही सभ की दृष्टि है , विवेक है ,अँधेरे को,अगियान को काट कर मिटाने वाली होश है, तलवार है,अवेयरनेस है ,तालीम है। तेरे बगैर सभ अन्धकार है।वैसे तो तेरे साथ रहने वाली और अदभूत शकतियाँ ,जैसे एलेक्ट्रोमग्नेटिज्म जैसी इंटेलिजेंस है जो हमेशा तुम्हें नित नई बुद्धि देती रहती है और जीवन मार्ग दर्शाती रहती है और तुम्हारे दिल को धड़कन देती रहती है ,अगर यह दिल धड़कना बंद करदे तो सभ कुछ जीवन ही रुक जाएगा।
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