आरएसएस और बीजेपी।
जितने भी गाए मास के और इसको एक्सपोर्ट करने के अदारे हैं सभ बीजेपी के प्रॉफिट/पैसे के भूखे लोगों के हैं,लेकिन गरीबों की मछली या मास बेचने वाली रेहड़ियों पर इनके लोग अतियाचार करते रहते हैं।
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