खोज।
जिस की तुम्हें वास्तव में खोज है और जिसको तुम तुमाहरे हर कृत में ढूंढ रहे हो वह तुम ही हो और तुम्हारे सिवा कोई नहीं है, लेकिन तुम्हें हैवान से इंसान बनना होगा, तुम्हें तुम्हें पाखंडी और कम्युनल धर्मों से दूर रहना होगा,तुम्हें सभ की अच्छाई और भलाई के लिए कामना करनी होगी और लगन से इस की कोशिश करनी होगी और अपनी खुद गरजी छोड़नी होगी,सचाई का साथ देना होगा और सभ से प्रेम और शांति से रहना होगा।
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