हमारा जीवन।
मुँह से भोजन खलाया,नाक दवार से ऑक्सीजन है आया ,
दोनों ने ऐसा खेल रचाया,ऑक्सीडेशन से जीवन आग जलाया।
इस ऑक्सीडेशन की आग की गर्मी ने शरीर का इंजिन चलाया,
इस सूरया की बिजली से सवचालित रोबोट से करम कराया।
हम तो नामित उस करतार के बनाए कम्पूटराइज़्ड यंत्र हैं,
जिसमें उसने जैसे विचार/समझ पैदा किये वैसा ही करम कराय।
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