मुझे जानो पहचानो ।
में देश नहीं झुकने दूंगा,
में देश नहीं बिकने दूंगा।
कुछ तो मेरे दोस्त देश लूट कर भाग गए विदेश,
१३ करोड़ रूपए इनसे में ले कर,में इनको बकश दूंगा।
तुम सोते रहो नशे पी कर,तब तक में कुछ भी बचने नहीं दूंगा,
में देश का सभ कुछ, मेरे दोस्त अडानी को दुनिया का पहले नंबर का अमीर बनाने के लिए, दे दूंगा।
फिर तुम जीवन भर रोते रहियो, में अपना झोला उठा कर, हिमालिया में भाग जाऊँगा ,
और में भगवें वस्तर पहन कर, दुनिया का सभ से बड़ा हिन्दू शास्त्री/गियानी और विश्व गुरु बन कर,आश्रम खोल कर,जीवन के सारे आनंद लेने के लिए , बैठ/लेट जाऊँगा।
No comments:
Post a Comment