Friday, December 13, 2019

कुदरत ।
यह धरती यह आकाश का यूनिवर्स और इस की शक्तियां सभ कुदरत हैं जो हम सभ की आंखों के सहमने है । कुदरत के अपने साइंटिफिक लॉज़ हैं जिन को लॉज़ ऑफ़ नेचर कहते हैं । कुदरत किसी भी धरम को नहीं मानती है ,सभी धरम कुछ इंसानों के संगठनों द्वारा लोगों को मूरख बना कर, पैसे की गोलकें [तिजोरियां ] भरने के लिए, अपने निजी फायदे के लिए, बनाये गए हैं जिन्हों ने कुदरत को तोड़ मरोड़ कर गलत तरीकों से अपने धरम के लिटरेचर में लिखा हुआ है, जिस का कोई साइंटिफिक प्रमाण नहीं है । सही और सच्चा कुदरत का विश्लेशण तो सिर्फ साइंस ने ही किया है, जिस की पढ़ाई और समझ में भारत बहुत पछड़ा हुआ है ,जिस की वजह से भारत में बेईमानी,जुलम और अपराध बहुत जियादा फैल चूका है और विकास बहुत कम है ।

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