भगवान् किया है ?
यह पृथ्वी और इसका एलेक्ट्रोमग्नेटिस्म, इसके खनिज पदार्थ ,इस का पानी,इस की बर्फ़ें,इस के जंगल,इस की हरयाली ,इस के पहाड़ ,इस की हवाएं,इस के बादल और बादलों में रहती बिजलियाँ और गड़गड़ाहट,यह सितारे,यह सूर्य यह चन्दर्मा और यह ग्रह,यह जीव जंतु और इंसान,जिस स्पेस में यह सभ कुछ विचर रहा है, जो कुछ भी कहीं है सभ भगवान् ही तो है,भगवान् के सिवा कुछ भी तो नहीं है । देखने वाली और मेसूस करने वाली दृष्टि की ही जरूरत है ।
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