Friday, December 13, 2019

जीवन का सच किया है ?
हम भोजन,पानी,खून और विराट अट्मॉस्फेर [परम आत्मा] के हिसे, हवा के ऑक्सीजन और नाइट्रोजन [आत्मा] के टुकड़े हैं, जो शरीर के गुब्बारे में भरे हैं,जिस की आकड़ से हम चलते फिरते हैं । कब किस टाइम, शरीर की मशीन में, किसी रोग या नुकस होने के कारण गुब्बारे की हवा [ऑक्सीजन और नाइट्रोजन ] निकल जाएगी और हम विराट अट्मॉसफेर [परम आत्मा] में मिल जाएंगे और समा जाएंगे और शरीर के यह मास के लोथड़े का गुब्बारा जो पृथ्वी ततुओं से बना है,पृथ्वी पर ही गिर जाएगा ? जीवन की इतनी सी कहानी है ,जिसके बारे में, धर्मों ने बड़े बड़े ग्रन्थ लिख कर, तुम्हारी चेतना पर मन की पडत डाल कर, तुम्हारी मत मार दी है और धंदे के लिए तुम्हें बेवकूफ बना रखा है ।

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